Friday, 9 August 2013

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NCERT Solutions for Class 8th Hindi Chapter 12 सुदामा चरित

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NCERT Solutions for Class 8th Hindi Chapter 12 सुदामा चरित

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NCERT Solutions for Class 8th Hindi Chapter 12 सुदामा चरित

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NCERT (CBSE) Hindi Solutions | Class 8, Vasant Bhag 3 | Chapter 9, कबीर की सखियाँ

NCERT (CBSE) Hindi Answers 
Basant (Vasant) Bhag 3 - कबीर की सखियाँ
प्रश्न-अभ्यास
पाठ से
प्रश्न १: 'तलवार का महत्व होता है, म्यान का नहीं' - उक्त उदाहरण से कबीर क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: ' तलवार का महत्वा होता है, म्यान का नहीं' से कबीर यह कहना चाहते हैं कि असली चीज़ कद्र की जानी चाहिए। दिखावटी वस्तु का कोई महत्व नहीं होता है। इश्वर का भी स्वाभाविक ज्ञान ज़रूरी है। ढोंग-आडम्बर तो म्यान के समान निरर्थक हैं। असली ब्रह्म को पहचानो और उसी को स्वीकारो।
प्रश्न २: पाठ की तीसरी साखी- जिसकी एक पंक्ति हैं 'मनवा तो चहुँ दिसि फिरै, यह तो सुमिरन नाहि' के द्वारा कबीर क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर: इस साखी के द्वारा कबीर केवल माला फेरकर इश्वर की उपासना करने को ढोंग बताते हैं। माला फेरने और मुँह से राम-राम जाप करना व्यर्थ है। इश्वर उपासना के लिए मन की एकाग्रता आवश्यक है। इसके बिना इश्वर स्मरण नहीं किया जा सकता।
प्रश्न ३: कबीर घास की निंदा करने से मना करते हैं। कबीर के दोहे में 'घास' का विशेष अर्थ क्या है और कबीर के उक्त दोहे संदेश क्या है?
उत्तर: कबीर अपने दोहे में उस घास तक की निंदा करने से मना करते हैं जो हमारे पैरों के तले होती है। कबीर के दोहे में 'घास' का विशेष अर्थ है। यहाँ घास दबे-कुचले व्यक्तियों की प्रतीक है। इन लोगों को तुच्छ मानकर निंदा की जाती है, जबकि ऐसा करना सर्वथा अनुचित है। कबीर के दोहे का संदेश यही है कि किसी की निंदा मत करो, विशेषकर छोटे लोगों की। व्यक्ति या प्राणी चाहे वह जितना भी छोटा हो उसे तुच्छ समझकर उसकी निंदा नहीं करनी चाहिए।
पाठ से आगे
प्रश्न १: "या आपा को . . . . . . . . . आपा खोय।" इन दो पंक्तियों में 'आपा' को छोड़ देने की बात की गई है। 'आपा' किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है? क्या 'आपा' स्वार्थ के निकट का अर्थ देता है या घमंड का?
उत्तर: 'आपा' अंहकार के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। 'आपा' घमंड का अर्थ देता है।
प्रश्न २: आपके विचार में 'आपा' और 'आत्मविश्वाश' में तथा 'आपा' और 'उत्साह' में क्या कोई अन्तर हो सकता है? स्पष्ट करें।
उत्तर:
(क) आपा में आत्मविश्वाश होता है जो अहंकार का रूप ले लेता है। आत्मविश्वाश एक गुण है। यह अपने पर भरोसा होता है। (ख) आपा में अहं का भाव है तथा उत्साह में किसी काम को करने का जोश होता है।
प्रश्न ४: कबीर के दोहों को साखी क्यों कहा जाता है?
उत्तर: कबीर के दोहों को साखी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनमें श्रोता को गवाह बनाकर साक्षात् ज्ञान दिया गया है।


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NCERT Solutions for Class 8th Hindi Chapter 8 यह सबसे कठिन समय नहीं




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Monday, 5 August 2013

hindi ch 6 class 8

Cbse Class 8 Ncert Hindi Textbook Solutions - Vasant Bhag 3 (वसंत भाग ३) - भगवान के डाकिए

CBSE Class VIII, Hindi Basant Bhag 3 NCERT Answers

भगवान के डाकिए (Bhagwan ke Dakiye)

प्रश्न - अभ्यास

(NCERT Solutions for Hindi Textbook Exercise Questions)

प्रश्न .१ : कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया हैं ? स्पष्ट कीजिये।
उत्तर : जिस प्रकार डाकिए संदेश लाने का काम करते हैं, उसी प्रकार पक्षी और बादल भगवान का संदेश हम क पहुँचाते हैं। उनके लाये संदेश को हम भले ही न समझ पाए, पर पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ उसे भली प्रकार पढ़-समझ लेतें हैं। यहीं कारण है की कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए बताया है।

प्रश्न .२ : पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को कौन - कौन पढ़ पाते हैं ? सोच कर लिखिए।
उत्तर : पक्षी और बादल द्वारा लायी गई चिट्ठियों को पेड़ - पौधे, पानी और पाहड़ पढ़ पाते हैं। प्रकृति के ये विविध उपादान पक्षी और बादल से प्रभावित होते हैं। इन्हें उनकी भाषा भली प्रकार समझ में आ जाती हैं।


प्रश्न . ३ : किन पंक्तियों का भाव है :
(क) पक्षी और बादल प्रेम , सद्भाव और एकता का संदेश एक देश से दूसरे देश को भेजते हैं।
उत्तर : पक्षी और बादल एक-दूसरे देश में जा-जाकर वहां प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना का प्रसार करते हैं।

(ख) प्रकृति देश-देश में भेद भाव नहीं करती। एक देश से उठा बादल दूसरे देश में बरस जाता है।
उत्तर : प्रकृति किसी भी देश से पक्षपात नहीं करती। एक देश में जब भाप उठकर बादल का रूप ले लेती है तब वह दूसरे देश में जाकर वर्षा रूप में बरस जाती है।

प्रश्न . ४ : पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधे, पानी और पाहार क्या पड़ पाते हैं ?
उत्तर : कवि का कहना है की पक्षी और बादल भगवान के डाकिये हैं। जिस प्रकार डाकिये संदेश लाने का काम करते हैं, उसी प्रकार पक्षी और बादल भगवान का संदेश लाने का काम करते हैं। पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ भगवान के भेजे संदेश को पढ़ पाते हैं।

प्रश्न . ५ : 'एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध भेजती है' - कथन का भाव स्पस्ट कीजिए।
उत्तर : पक्षी और बादल प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश एक देश से दूसरे देश को भेजते रहते हैं। ऐसा लगता है की हवा में उड़ते हुए पक्षियों के पंखों पर प्रेम-प्यार की सुगंध तैरकर दूसरे देश तक पहुँच जाती है। इस प्रकार एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध भेजती है।


पाठ से आगे
प्रश्न . १ : पक्षियों और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को आप किस दृष्टि से देख सकते हैं?
उत्तर : पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को हम प्रेम, सौहार्द और आपसी सद्भाव की दृष्टि से देख सकते हैं।

प्रश्न .२ : आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इन्टरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इन्टरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर : पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इन्टरनेट से इस प्रकार की जाती है:-
  1. पक्षी और बादल भगवान के डाकिये हैं किंतु, इन्टरनेट नहीं।
  2. पक्षी और बादल प्रकृति के अनुसार काम करते हैं किंतु, इन्टरनेट मानव के अनुसार काम करते है।
  3. पक्षी और बादल का कार्य धीमी गति से होता है किंतु, इन्टरनेट का कार्य तीव्र गति से होता है।
  4. पक्षी और बादल की भूमिका पर्यबरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनने की होती है किंतु, इन्टरनेट पर्यबरण को स्वच्छता प्रदान नहीं करता।
  5. पक्षी और बादल की भूमिका प्रकृति-प्रेमी को प्रभावित करती है किंतु, इन्टरनेट विज्ञानं प्रेमी को प्रभावित करती है।
प्रश्न . ३ : हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका पर दस वाक्य लिखिए।
उत्तर : हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका अत्यन्त महत्तपूर्ण है। खाकी पैंट और खाकी कमीज़ पहने, कंधे पर खाकी झोला लटकाए जब वह सामने से गुजरता, तो उसकी ओर सबकी दृष्टि अनायास खिंच जाती है। भले ही अब कंप्यूटर और इ-मेल का ज़माना आ गया है पर, डाकिया का महत्व अभी भी उतना ही बना हुआ है जितना पहले था। डाकिया ग्रामीण जन-जीवन का एक सम्मानित सदस्व माना जाता है। डाकिया केवल संदेश-दाता नहीं, अर्थ दाता भी है। डाकिया का कार्य बड़ा कठिन होता है। वह सुबह से शाम तक चलता ही रहता है। डाकिया कम वेतन पाकर भी अपना काम अत्यन्त परिश्रम और लगन के साथ सम्प्पन्न करता है। गर्मी, जाड़ा और बरसात का सामना करते हुए वह समाज की सेवा करता है। डाकिया एक सुपरिचित व्यक्ति है। उससे हमारा व्यक्तिगत संपर्क होता है। हमें उसपर सहानुभूति दिखानी चाहिए।


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8 Hindi Ncert Cbse Guide, Vasant Bhag-3, लाख की चूड़ियाँ - Textbook Exercise Answers

Class 8, Solution of Ncert Cbse Hindi 

Vasant Bhag 3, लाख की चूड़ियाँ 

Textbook Exercise Questions

प्रश्न - अभ्यास (कहानी से)
Class VIII, Ncert Cbse Hindi Vasant (Basant) - लाख की चूड़ियाँ - Sample Questions and Solutions [Read]   
प्रश्न १: बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को 'बदलू मामा' न कहकर 'बदलू काका' क्यों कहता था ?

उत्तर: बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव बड़े चाव के साथ जाता था। उसके चाव का कारण यह था की वहाँ उसे ढेर सारी लाख की रंग-बिरंगी गोलियां मिलती थीं। उसका मन मोह लेती थीं। बदलू लेखक के मामा के गाँव का था अतः उसे उसको 'बदलू मामा' कहना चाहिए था, पर वह बदलू मामा न कहकर 'बदलू काका' कहता था। इसका कारण यह था की गाँव के सभी बच्चे उसे 'बदलू काका' ही कहा करते थे। लेखक भी उनकी देखा-देखी उसे 'बदलू काका' ही कहता था।
प्रश्न २: वस्तु विनिमय क्या है ? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है ?
उत्तर: 'वस्तु विनिमय' में एक वस्तु को दूसरी वस्तु देकर लिया जाता था। वस्तु के लिए पैसे नहीं लिए जाते थे। वस्तु के बदले वस्तु ली-दी जाती थी। लोग अनाज देकर चूडियाँ ले लेते थे।
विनिमय की प्रचलित पद्धति मुद्रा (पैसा) है।

प्रश्न ३: 'मशीनी युग' ने कितने हाथ काट दिए हैं।' - पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है ?
उत्तर: इस पांति में लेखक ने इस व्यथा की ओर संकेत किया है कि मशीनों के आगमन के साथ कारीगरों के हाथ से काम-धंदा छिन गया। मानो उनके हाथ ही कट गए हों। मशीनों ने लोगों को बेरोजगार बना दिया।
प्रश्न ४: बदलू के मन में ऐसी कौन-सी व्यथा थी, जो लेखक से छिपी न रह सकी ?
उत्तर: बदलू के मन में इस बात कि व्यथा थी कि मशीनी युग के प्रभावस्वरुप उस जैसे अनेक कारीगरों को बेरोजगारी और उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। अब लोग कारीगरी की कद्र न करके दिखावटी चमक पर अधिक ध्यान देते हैं।

प्रश्न ५: मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया ?
उत्तर: मशीनी युग से बदलू के जीवन में यह बदलाव आया की वह बेरोजगार हो गया। काम न करने से उसका शरीर भी ढल गया, उसके हाथों-माथे पर नसें उभर आईं। अब वह बीमार रहने लगा। 



class 8 hindi ch 10

Lesson 10, Hindi Basant (Vasant) Bhag 3

कामचोर


Class 8, NCERT Hindi Textbook Exercise Solutions

प्रश्न : कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं ? किन के बारे में और क्यों कहा गया ?
उत्तर: 'कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं ?' - इस पंक्ति में घर के मोटे-मोटे बच्चों के बारे में कहा गया है क्यों कि वे कामचोर थे यहाँ तक कि वे हिलकर पानी भी नहीं पीते थेसारा दिन घर में उधम मचाया करते थे।

प्रश्न : बच्चों के उधम मचाने के कारण घर कि क्या दुर्दशा हुई ?
उत्तर: बच्चों के उधम मचाने से घर कि सारी व्यवस्था ख़राब हो गई। मटके-सुराहियाँ इधर-उधर लुढक गए। घर के सारे वर्तन अस्त-व्यस्त हो गए। पशु-पक्षी इधर-उधर भागने लगे। घर में धुल, मिट्टी और कीचड़ का ढेर लग गया। मटर कि सब्जी बनने से पहले भेड़ें खा गए। मुर्गे-मुर्गियों के कारण कपड़े गंदे हो गए।

प्रश्न ३: 'या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।' अम्मा ये कब कहा और इसका परिणाम क्या हुआ ?
उत्तर: जब घर में नाको दम होने के कारण बच्चों को उधमबाजी में कोई कमी नहीं आई, यहाँ तक कि आगे-आगे भैंस भाग रही थी, पीछे-पीछे चारपाई पर बैठे चाचा तथा चारपाई की पाटी पकड़े बच्चे दौड़ रहे थे तब अम्मा ने यह निर्णय लिया।
इसका परिणाम यह हुआ की सब बच्चों को कतार में खड़ा करके हिदायत दी गई, - "अगर किसी बच्चे ने घर की किसी चीज़ को हाथ लगाया तो बस, रात का खाना बंद हो जायगा" और इस प्रकार बच्चे काम करने से बच गए।

प्रश्न ४: 'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है ?
उत्तर: यह एक हास्यप्रधान कहानी है। जिस में बालमनो विज्ञान की आधार बनाया गया है। यह कहानी संदेश देती है की बच्चों को उनके स्वभाव के अनुसार, उम्र और रूचि ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। जिससे वे बचपन से ही रचनात्मक कार्यों में लगन तथा रूचि का परिचय दे सकें। उनके ऊपर बड़ों की जिम्मेदारी थोपना बचपन को कुचलना है। अतः बड़ों को चाहिए की समझदार बच्चा बनकर बच्चों के बीच रहें और उन्हें सही दिशा प्रदान करें।

प्रश्न ५: क्या बच्चों ने उचित निर्णय लिया कि अब चाहे कुछ भी हो जाए, हिलकर पानी भी नहीं पिएँगें ?
उत्तर: नहीं। बच्चों ने उचित निर्णय नहीं लिया। क्योंकि स्वयं हिलकर पानी पीने का निश्चय उन्हें और भी कामचोर बना देगा। उन्हें काम तो करना चाहिए पर समझदारी के साथ। बच्चों को घर-परिवार के काम धंधों को आपस में बाँट कर, बड़ों से समझ कर पुरा करना चाहिए। उन्हें अपने खाली समय का सदुपयोग करना चाहिए तथा रचनात्मक कार्यों में मन लगाते हुए परिवार-वालों का सहयोग करना चाहिए।

hindi ch 4 class8

Ncert Cbse Hindi Guide - Class VIII, Vasant Bhag 3 वसंत भाग ३ - दीवानों की हस्ती

CBSE Board Class 8, Hindi - Vasant (Basant) Bhag 3

NCERT solutions of textbook exercise questions
Chapter 4, दीवानों की हस्ती
प्रश्न १: कवि ने अपने आने को 'उल्लास' और जाने को 'आंसू बनकर बह जाना' क्येओं कहा है?
उत्तर: कवि अपने आने को उल्लास इसलिए कहता है क्योंकि किसी भी नए स्थान पर वह बड़े उत्साह के साथ जाता है। वहाँ जाकर उसे प्रस्सनता होती है। पर जब वह उस स्थान को छोड़ कर आगे जाता है तब उसे दुःख होता है। विदाई के क्षणों उसकी आखों से आंसू बह निकलते हैं।

प्रश्न ३: कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी?
उत्तर: कविता में हमें कवि का जीवन के प्रति दृष्टिकोण अच्छा लगा। ऐसी दृष्टिकोण रखनेवाला व्यक्ति ही सुखी रह सकता है।

Thursday, 1 August 2013

History class 8 ch6


NCERT Solutions for CLass 8th Social Science Chapter 6 Colonialism and the City

Question 1:
State whether true or false:
(a) In the Western world, modern cities grew with industrialisation.
(b) Surat and Machlipatnam developed in the nineteenth century.
(c) In the twentieth century, the majority of Indians lived in cities.
(d) After 1857 no worship was allowed in the Jama Masjid for five years.
(e) More money was spent on cleaning Old Delhi than New Delhi.

Answer:
(a) In the Western world, modern cities grew with industrialisation.
True
(b) Surat and Machlipatnam developed in the nineteenth century.
False
(c) In the twentieth century, the majority of Indians lived in cities.
False
(d) After 1857 no worship was allowed in the Jama Masjid for five years.
True
(e) More money was spent on cleaning Old Delhi than New Delhi.
False

Question 2:
Fill in the blanks:
(a) The first structure to successfully use the dome was called the __________.
(b) The two architects who designed New Delhi and Shahjahanabad were__________ and _____________.
(c) The British saw overcrowded spaces as ______________.
(d) In 1888 an extension scheme called the ___________ was devised.

Answer:
(a) The first structure to successfully use the dome was called the __________.
This question is not clear. Note that Jama Masjid was the first mosque in India with minarets and full domes.
__________ and _____________.
This question is not clear. Note that Edward Lutyens and Herbert Baker were the two architects who designed New Delhi and its buildings.
(c) The British saw overcrowded spaces as unhygienic and unhealthy, the source of disease.
(d) In 1888 an extension scheme called the Lahore Gate Improvement Scheme was devised.
Question 3:
Identify three differences in the city design of New Delhi and Shahjahanabad.

Answer:
New Delhi Shahjahanabad
Unwalled city, constructed on Raisina Hill, south of Shahjahanabad or Old Delhi Constructed as a walled city with 14 gates, adjoining a fort-palace complex, with the river Jamuna flowing near it
Broad, straight streets Mazes of narrow and winding lanes and bylanes and quiet cul-de-sacs
Sprawling mansions set in the middle of large compounds Crowded and congested mohallas
Question 4:
Who lived in the “white” areas in cities such as Madras?

Answer:
In colonial cities such as Madras, Bombay and Calcutta, the living spaces of Indians and the British were sharply separated. Indians lived in the “black” areas, while the British lived in well laid out “white” areas.
Question 5:
What is meant by de-urbanisation?

Answer:
For administrative purposes, the British divided colonial India into three Presidencies, which in turn led to the rise in the importance of the Presidency cities of Bombay, Madras and Calcutta. These cities became the centres of British power in the different regions of India. New factories came up, trade developed.
At the same time that these cities were expanding, the towns and cities that manufactured specialised goods declined due to a drop in the demand for what they produced. Old trading centres and ports could not survive when the flow of trade moved to new centres. Similarly, earlier centres of regional power collapsed when local rulers were defeated by the British and new centres of administration emerged. This process is described as de-urbanisation.

Question 6:
Why did the British choose to hold a grand Durbar in Delhi although it was not the capital?

Answer:
Though Calcutta was the capital of the British, they were aware of the symbolic importance of Delhi. It was the city where the Mughals had ruled. It was the same city that had become the rebel stronghold in the rebellion of 1857, a rebellion that had momentarily threatened the collapse of the British rule in India. It was therefore important to celebrate British power with pomp and show at this very place. So, a grand Durbar to acknowledge Queen Victoria as the Empress of India was held in Delhi, in 1877. Later, in 1911, a Durbar was held in Delhi to celebrate the crowning of King George V. It was at this Durbar that the decision to shift the capital of India from Calcutta to Delhi was announced. What these displays did was to show to the people of India the ultimate power and supremacy of the British.

Question 7:
How did the Old City of Delhi change under the British rule?

Answer:
The Old City of Delhi was constructed as a walled city with 14 gates, adjoining a fortpalace complex, with the river Jamuna flowing near it. The city was characterised by mosques, havelis, crowded mohallas, narrow and winding lanes and bylanes and water channels. The British gained control of Delhi in 1803. Before the revolt of 1857, the British adjusted themselves to the Mughal culture of the Old City by living in the Walled City, enjoying Urdu/Persian culture and poetry, and participating in local festivals. The Delhi College was established in 1792, which led to a great intellectual flowering in the sciences as well as the humanities.
However, after the revolt, they embarked on a mission to rid the city of its Mughal past. They razed several palaces, closed down gardens and built barracks for troops in their place. For security reasons, the area around the Red Fort was completely cleared of gardens, pavilions and mosques. Mosques in particular were either destroyed or put to other uses. No worship was allowed in the Jama Masjid for five years. One-third of the city was demolished, and its canals were filled up. In the 1870s, the Western walls of Shahjahanabad were broken to establish the railway and to allow the city to expand beyond the walls. The sprawling Civil Lines area came up in the North of the city. This was the place where the British began living. The Delhi College was turned into a school, and shut down in 1877. The British constructed a new city, known as New Delhi, South of the Old City. Built as a complete contrast to the Old City, New Delhi became the centre of power. The Old City, meanwhile, was pushed into neglect.

Question 8:
How did the Partition affect life in Delhi?

Answer:
In 1947, due to the Partition, there was a massive transfer of populations on both sides of the new border. As a result, the population of Delhi swelled (nearly 500,000 people were added to Delhi’s population). Delhi became a city of refugees, with people living in camps, schools, military barracks and gardens. The riots accompanying the Partition led to the killing of thousands of people, and the looting and burning of their houses. Over two-third of the Delhi Muslims migrated, and almost 44,000 homes were abandoned. Their places were taken over by Sikh and Hindu refugees from Pakistan. These refugees were mostly rural landlords, lawyers, teachers, traders and shopkeepers. After Partition, their lives changed as they took up new jobs as hawkers, vendors, carpenters and ironsmiths. The influx of Sikh and Hindu refugee population and the outflow of the Muslim population changed the social milieu of Delhi. An urban culture largely based on Urdu was overshadowed by new tastes and sensibilities, in food, dress and the arts.

History class 8 ch5


NCERT Solutions for CLass 8th Social Science Chapter 5 When People Rebel

Question 1:
What was the demand of Rani Lakshmibai of Jhansi that was refused by the British?

Answer:
Rani Lakshmibai of Jhansi wanted the East India Company to recognise her adopted son as the heir to the kingdom after the death of her husband. This demand was refused by the British. Ultimately, the Company annexed the kingdom as per the Doctrine of Lapse.

Question 2:
What did the British do to protect the interests of those who converted to Christianity?

Answer:
In 1850, a new law was passed to make conversion to Christianity easier. This law allowed an Indian who had converted to Christianity to inherit the property of his ancestors.

Question 3:
What objections did the sepoys have to the new cartridges that they were asked to use?

Answer:
The new cartridges were suspected of being coated with the fat of cows and pigs. Both Hindus and Muslim sepoys were offended by the introduction of these cartridges. Their religious sentiments were affected, and this was the reason they refused to use the cartridges. They felt that the British were trying to insult their religions.

Question 4:
How did the last Mughal emperor live the last years of his life?

Answer:
After the death of Aurangzeb, Mughal emperors held only symbolic value. Bahadur Shah Zafar was the last such Mughal emperor. During the 1857 revolt, the rebels needed someone who would rule the land once the British were thrown out of the country. They decided that this leader would have to be the Mughal emperor living in the Red Fort, in Delhi. Though a reluctant leader at first, Bahadur Shah did play an important role in the rebellion. Though Mughals had lost their earlier authority, a Mughal emperor’s word still held importance for quite a number of smaller rulers and chieftains. Bahadur Shah sent letters to all such chiefs and rulers, urging them to come forward and support the rebellion. After the revolt was suppressed, Bahadur Shah was tried in court and sentenced to life imprisonment. He and his wife were sent to prison in Rangoon in October 1858. He died in the Rangoon jail in November 1862.

Question 5:
What could be the reasons for the confidence of the British rulers about their position in India before May 1857?

Answer:
Since the mid-eighteenth century, the power of the nawabs and rajas was on its decline. The presence of British Residents in the courts further eroded their authority and curtailed their freedom to administer their kingdoms. The various kingdoms were forced to disband their armies and enter into a subsidiary alliance with the British.
The terms of the subsidiary alliance, and later, of the Doctrine of Lapse were such that the East India Company slowly but surely took control over the kingdoms one by one. From 1757 to 1857, the Company successfully annexed various Indian states, virtually unopposed, by using a variety of political, economic and diplomatic methods. It rarely had to use military power.
Another reason for the confidence of the British was the decline of the Mughal dynasty. The Company, through various measures, ensured that the dynasty came to an end. The name of the Mughal king was removed from the coins minted by the Company. It was also decided upon that Bahadur Shah would be the last Mughal king and after his death, none of his descendents would be recognised as kings. The fact that apart from the Company there was no other dominant authority in the Indian subcontinent, and the belief that there was absolutely no threat to its authority together contributed to its confidence about its position in India before May 1857. This is the reason why the revolt and the threatening form it took came as a shock to the British.

Question 6:
What impact did Bahadur Shah Zafar’s support to the rebellion have on the people and the ruling families?

Answer:
Though the rebels were determined to bring the East India Company’s rule in  country to an end, they were faced with the question as to who would rule the land once the space of power fell vacant. The answer to this question lay in Red Fort, in Delhi. That was where the aging Mughal emperor, Bahadur Shah Zafar had been residing. After the death of Aurangzeb, the Mughal dynasty had declined and many smaller power centres had begun asserting their authority. Yet, the word of the Mughal king still held force for quite a number of ruling families. Threatened by the expansion of the British rule, many of them felt that if the Mughal emperor could rule again, they too would be able to rule their own territories once more. When the rebel forces reached Red Fort, Bahadur Shah was reluctant at first to take on the might of the British. However, he had to give in, and was thus proclaimed their leader. Having this symbolic head inspired the rebels to fight the British with renewed confidence, hope and courage. The emperor wrote letters to the various chiefs and rulers of the country to come forward and organise a confederacy of Indian states to fight the British. In consequence of this action, the rebellion spread. The leadership of the Mughal emperor seemed to provide legitimacy to it. Regiment after regiment mutinied, and joined the rebel troops at Delhi, Kanpur and Lucknow. After them, the people of various Indian towns and villages also rose up in rebellion and rallied around local leaders, zamindars and chiefs. This not only strengthened the rebel forces, but also gave a national character to the rebellion.
Question 7:
How did the British succeed in securing the submission of the rebel landowners of Awadh?

Answer:
During the revolt, the defeat of the British forces in a number of battles caused a number of uprisings against the British in various Indian states. A widespread popular rebellion developed in the region of Awadh in particular. The villages took to arms and the landlords led them. After the defeat of the rebel forces, the British had a two-pronged strategy to suppress the rebels and the rebellion. On the one hand, they tried and hanged a number of rebel leaders who had challenged their authority and could do so again in the future. On the other hand, they tried their best to win back the loyalty of the people. They announced reward for loyal landowners. They were assured that they would be allowed to continue to enjoy traditional rights over their lands. Those who had rebelled were told that if they submitted to the British, and if they had not killed any white people, they would remain safe and their rights and claims to land would not be denied.

Question 8:
In what ways did the British change their policies as a result of the rebellion of 1857?

Answer:
Changes in the policies of the British after the suppression of the rebellion of 1857:
(i) British Crown took over the control of administration − The British Parliament passed an Act in 1859, under which, the powers of the East India Company were transferred to the British Crown. The British government was now directly responsible for ruling India.
(ii) Provided a sense of security to the local rulers − The ruling chiefs of the country were assured that their territories would never be annexed by the British. However, they had to swear allegiance to the British crown. They also abolished the Doctrine of Lapse, thereby allowing rulers to pass on their kingdoms to adopted sons.
(iii) Provided a sense of security to landowners − Policies were made to protect landlords and zamindars, and give them security of rights over their lands.
(iv) Reorganised the army − The proportion of Indian soldiers in the army was reduced and the number of European soldiers in the army was increased.
(v) Treated the Muslims with suspicion and hostility − Considering them to be responsible for the rebellion in a big way, the British confiscated the land and property of Muslims on a large scale.
(vi) Promised non-interference in the sphere of religion − The British assured the people of India that their religious and social practises would be respected and not interfered with.

History class 8 ch 4


NCERT Solutions for CLass 8th Social Science Chapter 4 Tribals Dikus and the Vision of a Golden Ageonomic

  • Working at home
  • Payday Loans
  • Personal Loans
  • Solution
Question 1:
Fill in the blanks:
(a) The British described the tribal people as __________.
(b) The method of sowing seeds in jhum cultivation is known as ___________.
(c) The tribal chiefs got _________ titles in central India under the British land settlements.
(d) Tribals went to work in the ___________ of Assam and the __________ in Bihar.

Answer:
(a) The British described the tribal people as wild and savage.
(b) The method of sowing seeds in jhum cultivation is known as broadcasting or scattering.
(c) The tribal chiefs got land titles in central India under the British land settlements.
(d)Tribals went to work in the tea plantations of Assam and the coal mines in Bihar.


Question 2:
State whether true or false:
(a) Jhum cultivators plough the land and sow seeds.
(b) Cocoons were bought from the Santhals and sold by the traders at five times the purchase price.
(c) Birsa urged his followers to purify themselves, give up drinking liquor and stop believing in witchcraft and sorcery.
(d) The British wanted to preserve the tribal way of life.

Answer:
(a) Jhum cultivators plough the land and sow seeds.
False
(b) Cocoons were bought from the Santhals and sold by the traders at five times the purchase price.
True
(c) Birsa urged his followers to purify themselves, give up drinking liquor and stop believing in witchcraft and sorcery.
True
(d) The British wanted to preserve the tribal way of life.
False

Question 3:
What problems did shifting cultivators face under British rule?

Answer:
For administrative and economic reasons, the British government tried settling the jhum or shifting cultivators. However, settled plough cultivation did not prove to be helpful to these jhum cultivators. They often suffered because their fields did not produce good yields. The new forest laws also affected the lives of the shifting cultivators. Shifting or jhum cultivation is usually done on small patches of  land. Under the forest laws, the British extended their control over all forests and declared that forests were state property. Thus, the jhum cultivators were prevented from practising jhum cultivation freely. Many were forced to move to other areas in search of work and livelihood.

Question 4:
How did the powers of tribal chiefs change under colonial rule?

Answer:
Under colonial rule, the functions and powers of the tribal chiefs changed considerably. Though they were allowed to keep their land titles over a cluster of villages and rent out lands, the administrative, judicial and economic powers they enjoyed before the arrival of the British were no longer in force. They were required to follow the British laws, pay tribute to the British and discipline the tribal groups on behalf of the colonial masters. As a result, they lost the authority they had earlier enjoyed among their people, and were unable to fulfil their traditional functions.


Question 5:
What accounts for the anger of the tribals against the dikus?

Answer:
The word “dikus” means outsiders. Dikus were the people who made the tribal people dependent upon them, thereby causing them a lot of misery and suffering. These outsiders were composed of traders and moneylenders who would come into the forests to sell the goods not produced within the forest, buy forest produce and offer cash loans. Often these loans came at the price of very high rates of interest. These loans ultimately forced the tribals into a vicious cycle of debt and poverty. The traders would buy goods from the tribals at very low rates and sell the same products at high prices, thereby making huge profits. For these reasons, the tribals considered the trader and the moneylender figures to be their main enemies; hence, they referred to them as the evil outsiders.
The colonial government too was looked upon as an external evil force that sought to destroy their livelihoods and their familiar ways of life. The British alienated the tribals by forcing shifting cultivators to practise settled cultivation; implementing forest laws to prevent their access to the forest land and the forest produce; demeaning the power and authority of tribal chiefs, and demanding tributes. As a result, there was considerable anger towards the British as well.


Question 6:
What was Birsa’s vision of a golden age? Why do you think such a vision appealed to the people of the region?

Answer:
Birsa talked about a golden age, a satyug, an age of truth in which, like in the past, the tribal people would live a good life, construct embankments, tap natural springs, plant trees and orchards and practise cultivation to earn their living. He talked of an age in which the tribals would not kill one another and would live an honest life. His golden age consisted of a reformed tribal society in which there was no place for vices like liquor, uncleanliness, witchcraft and sorcery, and outside forces like the missionaries, Hindu landlords, moneylenders, traders and the Europeans.
This vision was appealing to the tribal people as all the vices and outside forces that Birsa talked about were indeed thought of by everyone as the root causes of their misery and suffering.

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